- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत से अभिषेक; शेषनाग मुकुट में दिए भगवान ने दर्शन
- महाकाल मंदिर में गुरुवार को दो राज्यों के मंत्री पहुंचे: भस्म आरती में गोवा के कैबिनेट मंत्री, दद्योदक आरती में दिल्ली के गृह मंत्री ने किए दर्शन
- फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: CM ने उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर बनाने का किया ऐलान, बोले- कम जमीन में ज्यादा आय का माध्यम बनेंगी उद्यानिकी फसलें
- महाकाल मंदिर में नई सुविधा: अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन होगा दान, वेबसाइट के जरिए कहीं से भी कर सकेंगे दान
सिंहस्थ पूर्व की घोषणा को याद दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा स्मरण पत्र
उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व को बीते एक वर्ष होने को है लेकिन महाकालेश्वर मंदिर पुजारी एवं पंडो को आज भी प्रभारी मंत्री द्वारा की गई घोषणा की राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस संबंध में सिंहस्थ पर्व पर पुजारी एवं ब्राह्मणों के हित में की गई घोषणाओं को पूर्ण करने हेतु अखिल भारतीय पुजारी महासंघ द्वारा एक स्मरण पत्र मुख्यमंत्री को भेजा है।
संयोजक महेश पुजारी ने स्मरण पत्र की जानकारी देते हुए कहा कि सिंहस्थ में संतो ंके अखाड़ों को जो राशि घोषित की गई थी वह लगभग प्राप्त हो चुकी है लेकिन महाकालेश्वर के पुजारी एवं पंडों को वीआईपी रसीद का 25 प्रतिशत देने की घोषणा आज भी अधर में अटकी हुई है जबकि पुजारी-पंडों ने अभिषेक, पूजन, कर्मकांड आदि नहीं कराते हुए व्यवस्थाओं में सहयोग किया एवं अभिषेक की रसीद भी इस दरमियान नहीं काटी गई और उस नुकसान को सहन किया। इसके पश्चात भी पुजारी एवं पंडों से सहानुभूति नहीं रखते हुए वीआईपी की घोषणा पूर्ण न होने से पूरा समुदाय निराश है। स्मरण पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि पुजारी एवं पंडों को शीघ्र राशि दी जाए जिससे सिंहस्थ में हुए नुकसान की भरपाई हो सके।